Vivo V9 का रिव्यू

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Vivo V9 का रिव्यू

ख़ास बातें

  • Vivo V9 स्मार्टफोन का पूरा रिव्यू, जानिए कैसा है स्मार्टफोन
  • Vivo V9 से जुड़ी अफवाहों से इतर पढ़ें हकीकत में कैसा है फोन
  • Vivo V9 नॉच के साथ भारत में लॉन्च हुआ पहला स्मार्टफोन
अब इस बात में कोई शक नहीं रह गया है कि ज्यादा स्मार्टफोन कंपनियां अपने फोन की डिज़ाइन को लेकर ऐप्पल से प्रेरित हैं। पहले भी हम दर्जनों ऐसे स्मार्टफोन देख चुके हैं, जो आईफोन से मिलते-जुलते हैं। जब ऐप्पल ने आईफोन X में डिज़ाइन को लेकर बड़ा बदलाव किया तो बाकी कंपनियां भी उसे फॉलो करने के लिए उतर पड़ीं। असूस पहली कंपनी थी, जिसने  Zenfone 5 (2018) और Zenfone 5Z में आईफोन X जैसा डिज़ाइन दिया। (देखें आईफोन X जैसे दिखने वाले एंड्रॉयड स्मार्टफोन)

वीवो भी इसी दौड़ में शामिल हुई और उसने आईफोन X के डिज़ाइन से प्रेरित वीवो वी9 उतारा। चूंकि, असूस ने अपना फोन अभी भारत में लॉन्च नहीं किया है, इसलिए वीवो पहली ऐसी कंपनी बन गई है, जिसने एंड्रॉयड स्मार्टफोन को नॉच के साथ भारत में उतार दिया है।

Vivo V9 में कंपनी ने दी है बेज़ल रहित स्क्रीन और इसके टॉप में नॉच। फोन देखने में आकर्षक लगता है लेकिन क्या यह पूरी तरह 22,900 रुपये कीमत वाला पैसा वसूल स्मार्टफोन है? हमने की है पड़ताल...
 

Vivo V9 का डिज़ाइन

लंबा और बड़ा डिस्प्ले 18:9 आस्पेक्ट रेशियो वाला है। पावर ऑन करते ही ऊपर की तरफ दिए गए नॉच पर नज़र गई। नॉच चौड़ाई में आईफोन X की तुलना में छोटा है। इसमें मौज़ूद है इयरपीस, सेल्फी कैमरा और दो सेंसर। साथ में दी गई है छोटी सी नोटिफिकेशन लाइट भी, जो इयरपीस के ठीक ऊपर है।

नॉच को डिस्प्ले से कवर किया गया है। दावा किया गया है कि इसके बाद स्क्रीन 6.3 इंच की रह जाती है। स्क्रीन टू बॉडी रेशियो 90 फीसदी है। फोन हाथ में लेकर आपको यह काफी हल्का लगेगा। कुल वज़न 150 ग्राम है। इसमें इस्तेमाल किया गया प्लास्टिक वज़न में खासा भूमिका निभाता है।

हालांकि, Vivo V9 देखने में कीमत के लिहाज़ से  Moto X4 जितना प्रीमियम नहीं लगता। लेकिन उतना सस्ता भी नहीं लगता। चमकदार रियर पैनल उच्च क्वॉलिटी वाले प्लास्टिक से बना है। फोन हाथ से फिसलता नहीं है। हालांकि, यह उंगलियों के निशान आसानी से पकड़ लेता है।
 
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Vivo ने फोन के साथ एक बॉक्स दिया है, जिसे इस्तेमाल कर आप फिंगरप्रिंट के झंझट से बच सकते हैं।Vivo ने फोन में पावर और वॉल्यूम बटन फोन के दायीं ओर दिए हैं। सिम ट्रे बायीं ओर है। Vivo V9 में माइक्रो-यूएसबी पोर्ट नीचे की तरफ है। वहीं पर लाउडस्पीकर, हेडफोन जैक और माइक्रोफोन भी दिया गया है। Vivo V9 की कीमत को देखते हुए हमें उम्मीद थी कि इसमें यूएसबी- टाइप सी पोर्ट आएगा। यह पोर्ट शाओमी मी ए1 जैसे स्मार्टफोन में भी दिया गया है।

फोन को हाथ में लीजिए और पाएंगे कि इसमें 2 कैमरों को वर्टिकल पोजिशन दी गई है। साथ ही दिया गया है सिंगल एलईडी फ्लैश। डुअल कैमरे के चारों ओर मेटल का रिम है, जो लेंस को स्क्रैच लगने से बचाता है। फोन के बीचों-बीच रियर फिंगरप्रिंट सेंसर है और वीवो का लोगो उसके नीचे दिया गया है। हमने पाया कि सेंसर उम्मीद से थोड़ा ऊपर दिया गया है। इसके अलावा फोन इस्तेमाल करने में सहज है। इसके घुमावदार किनारे फोन को हाथ में पकड़ने पर चुभते नहीं हैं।
 

Vivo V9 के स्पेसिफिकेशन, सॉफ्टवेयर और फीचर

Vivo V9 देखने में हाई-एंड लगता है। फोन को अंदर से भी दमदार बनाया गया है। Vivo V9 में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 626 प्रोसेसर इस्तेमाल हुआ है, जिसकी सर्वाधिक क्लॉक स्पीड 2.2 गीगाहर्ट्ज़ है। फोन में 4 जीबी रैम हैं और 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज है। हैंडसेट डुअल सिम सपोर्ट करता है, जिसके लिए 2 नैनो सिम स्लॉट मौज़ूद हैं। स्टोरेज के नाम पर फोन की मेमोरी को माइक्रोएसडी कार्ड के अलग से दिए गए स्लॉट के ज़रिए 256 जीबी तक बढ़ाया जाना संभव है।

Vivo V9 में 6.3 इंच की आईपीएस स्क्रीन है, जिसका रिजॉल्यूशन 1080x2280 पिक्सल है। आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। फोन के व्यूइंग एंगल बेहतर हैं और हमने पाया कि डिस्प्ले पर लाल निशान जैसा कुछ था। दुर्भाग्य से, इस हैंडसेट में डिस्प्ले आउटपुट को बदलने का विकल्प नहीं है। जिसके चलते आपको जैसा दिख रहा है, उसी से काम चलाना होगा।

मज़बूत ग्लास का कहीं ज़िक्र नहीं है लेकिन वीवो प्री-ऐप्लाइड स्क्रीन प्रोटेक्टर भी देती है। फोन में कनेक्टिविटी के लिहाज़ से 4जी वीओएलटीई है लेकिन इस सेवा के साथ एक बार में एक सिम का सपोर्ट हासिल है। दूसरी सिम पहली सिम के इस्तेमाल के दौरान 3जी सेवा में बदल जाती है।  
 
Vivo

Vivo V9 एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर चलता है। इसमें कस्टम फनटच ओएस 4.0 यूआई टॉप में रहता है। हैंडसेट फरवरी के एंड्रॉयड सिक्यॉरिटी पैच के साथ आया है। फनटच नोटिफिकेशन डॉट और स्मार्ट टेक्स्ट सिलेक्शन की सुविधा तो नहीं देता। लेकिन यह पिक्चर मोड में ज़रूरी फीचर देने में सक्षम है। कंपनी डिस्प्ले में ब्लूटूथ, वाई-फाई, वीओएलटीई जैसे आइकन दायीं ओर दे सकती थी। नॉच का बायीं तरफ वाला हिस्सा सिग्नल और बकाया नोटिफिकेशन दिखाता है। नॉच ज्यादा चौड़ा नहीं है, जिसकी वजह से आईफोन X से ज्यादा जगह इसमें यूज़र को मिल जाती है।

फनटच के पुराने वर्ज़न की तरह यह भी आईओएस जैसा लगता है। आप स्क्रीन के नीचे से स्वाइप कर नोटिफिकेशन व अन्य चीज़ें कंट्रोल कर सकते हैं। ऑन स्क्रीन नेविगेशन बटन डिस्प्ले में नीचे की तरफ हैं।

वीवो ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए हैंडसेट में गेस्चर आधारित नेविगेशन दिया है। अन्य फीचर में शामिल है फेस अनलॉक की सुविधा, जो फोन का फ्रंट कैमरे की जुगलबंदी में काम करता है। हैंडसेट में है स्मार्ट कॉल फीचर भी जो हैंड्सफ्री मोड व कान के पास फोन ले जाकर अटेंड करने की सुविधा देता है। फोन के फीचर यहीं खत्म नहीं होते, इसमें फ्लिपकार्ट, प्राइम वीडियो, यूसी ब्राउज़र, अमेज़न, न्यूज़प्वॉइंट, व्हाट्सऐप, फेसबुक और डब्ल्यूपीएस ऑफिस पहले से इंस्टाल होकर आता है।
 

Vivo V9 की परफॉर्मेंस, कैमरा और बैटरी


Vivo V9 पूरे दिन बिना रुकावट के चला। यूआई आसान है। 4 जीबी रैम के साथ यह छोटे-बड़े काम करने में सक्षम दिखाई दिया। Vivo V9 का फेस अनलॉक फीचर बेहतर काम करता है। हालांकि, कम रोशनी में फोन यूज़र का चेहरा पहचानने में दिक्कत करता है, जिसके लिए पिन डालना पड़ सकता है। फिंगरप्रिंट सेंसर भी तेज़ है।

फोन में 3260 एमएएच की बैटरी है। यूट्यूब, व्हाट्सऐप जैसे ऐप के साथ यह आराम से फोन को दिनभर चलाने में सक्षम है। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में Vivo V9 8 घंटे 49 मिनट चला। Vivo V9 में डुअल कैमरा है। एक 16 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और दूसरा 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर। Vivo ने कैमरे में खास बदलाव नहीं किए हैं। इतना ज़रूर है कि पिछले वर्ज़न के मुकाबले इसमें एआर स्टीर की सुविधा जोड़ी है। Vivo V9 एआई से लैस ब्यूटी मोड के साथ आता है। दावा किया गया है कि हैंडसेट यूज़र की उम्र, लिंग, टेक्सचर, स्किन टोन आदि पहचान सकता है।
 
Vivo

Vivo V9 से ली गईं तस्वीरें क्वॉलिटी के तौर पर मिली-जुली साबित हुईं। हमने पाया कि फोन बेहतर रोशनी में अच्छा कर सकता था लेकिन मुश्किल स्थिति में यह बेहतर परिणाम नहीं दे सका। दिन की रोशनी में Vivo V9 बेहतर फोकस करता है और एक्सपोज़र सही लेता है। हालांकि, आउटपुट थोड़ी दानेदार थी और लैंडस्केप शॉट स्पष्ट नहीं थे। मैक्रोज़ शॉट बेहतर आए, जिससे फोन आसानी से सब्जेक्ट और बैकग्राउंट में फर्क कर ले रहा था। कम रोशनी में कैमरा क्वालिटी गिर जाती है। फोकस लेने में देरी होती है और ब्लर तस्वीरें आती हैं।
 
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Vivo V9 में 24 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है, जो एआई-ब्यूटीफाई मोड से लैस है। यह शॉट को अपने आप निखारता भी है। सेल्फी स्पष्ट आती हैं और सोशल मीडिया पर ये पोस्ट करने लायक भी हैं।
 

फैसला

Vivo V9 के साथ Vivo देश में नॉच से लैस पहला एंड्रॉयड स्मार्टफोन देने में कामयाब रही है। हार्डवेयर बेहतर हैं और सॉफ्टवेयर में भी कई बदलाव हैं। डिस्प्ले बाकियों से अच्छा है और जिन्हें नॉच के साथ फोन शो ऑफ करना है, उनके लिए यह अच्छा विकल्प है। साथ ही जो लोग आईफोन X पर बड़ी रकम नहीं खर्चना चाहते, वे इसे खरीद सकते हैं।

फेस रिकग्निशन फीचर बेहतर काम करता है। 22,900 रुपये में Vivo V9 में यूएसबी टाइप-सी पोर्ट नदारद है, जो आजकल बाकी फोन में आम हो चुका है। बैटरी कमज़ोर है और अगर आप हर वक्त फोन इस्तेमाल करते हैं तो शाम तक चार्जर की तलाश में जुट जाएँगे। कैमरे की परफॉरमेंस बेहतर है लेकिन कम रोशनी में यह जवाब दे जाता है।

Vivo V9 का वर्तमान मुकाबला  Oppo F7 से है। हालांकि, इस कैटिगरी में आगे और भी स्मार्टफोन लॉन्च होंगे। वी9 में यूज़र को मिलेगा बड़ा डिस्प्ले, पतले बॉर्डर और छोटा नॉच, जो ध्यान खींचने के लिए काफी है। हालांकि, अगर आप इसे खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं तो बाज़ार में मौज़ूद है Moto X4 का 6 जीबी रैम वेरिएंट। 
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