10 घंटे चार्जिंग, 35 मिनट बात: ऐसा था पहला मोबाइल फोन

Share on Facebook Tweet Share Share Reddit आपकी राय
10 घंटे चार्जिंग, 35 मिनट बात: ऐसा था पहला मोबाइल फोन

ख़ास बातें

  • कैसा था दिग्गज कंपनियों का पहला मोबाइल फोन
  • तब से अब तक हुई कितनी तरक्की लेकिन ये फोन थे अद्भुत
  • सालों के शोध के बाद बन सके थे कंपनियों के पहले मोबाइल फोन

मोबाइल फोन आज इतने सहज और ज़रूरी हो चुके हैं कि इनके बिना कुछ घंटे रहना मुश्किल लगने लगा है। सुबह अलार्म से लेकर, किसी अंजान जगह की नैविगेशन हो या ऑफिस ई-मेल से लेकर परिजनों से हर पल संपर्क, आज मोबाइल फोन हमारी आधी ज़िंदगी हैं। इंटरनेट और मोबाइल की जुगलबंदी ने स्मार्टफोन को वैश्विक गांव में बदल दिया है। लेकिन ज़रा सोचिए, जब इनकी कल्पना की गई होगी तो कई सालों के शोध और अनुसंधान के बाद इन्हें मूर्त रूप दिया जा सका। आज हम बात करेंगे पहले मोबाइल फोन की, जिसके दम पर आज मोबाइल फोन की दुनिया हम पर राज कर रही है। नोकिया से लेकर ऐप्पल तक, कैसा था इन दिग्गज कंपनियों का पहला फोन, आइए जानें... 

मोटोरोला

moto phone

तस्वीर - Rico Shen

यह साल 1973 का दौर था, जब कुछ सीमित कारों और वाहनों में ही फोन लगे होते थे। मोटोरोला पहली ऐसी कंपनी थी, जिसने हाथ में लेकर बात करने वाला डायनाटेक (प्रोटोटाइप) फोन विकसित किया। 3 अप्रैल 1973 को मोटोरोला के शोधकर्ता और एग्जिक्युटिव मार्टिन कूपर ने पहली बार इस हैंडहेल्ड इक्विपमेंट की मदद से कॉल की। यह कॉल उन्होंने अपने पेशेवर प्रतियोगी को की थी। इस फोन का वज़न 1.1 किलो था। यह 23 सेंटीमीटर लंबा था। इस प्रोटोटाइप को 10 घंटे चार्ज करना पड़ता था, तब यह 30 मिनट का टॉकटाइम देने में सक्षम हो पाता था। कंपनी ने आगे चलकर वायरलेस तकनीक से लैस अपने उत्पादों को विश्वस्तर पर पहुंचाया। बाद में कंपनी ने DynaTAC नाम की सीरीज़ को विकिसत किया और 1983 से 1994 तक इसके मोबाइल फोन बेहद चर्चा में रहे।

नोकिया

nokia

तस्वीर - नोकिया फोन

साल 1982 में आया नोकिया मोबीरा सीनेटर कंपनी का पहला मोबाइल फोन था। कहा जाता है कि इस फोन ने बाज़ार पर 30 सालों तक राज किया। यह उस वक्त की बैटरी के चलते 'भारी-भरकम' था और इसका वज़न 10 किलो तक था। इसके ठीक बाद नोकिया ने हाथ में आ जाने वाला मोबाइल फोन बनाया, जिसका नाम था मोबीरा सिटीमैन। फोन 'गोरबा' नाम से बेहद मशहूर हुआ। यह फोन सोवियत नेता मिखाइल गोरबाशेव
के पास था इसलिए इसका नाम 'गोरबा' नाम से चर्चित हुआ।

सैमसंग

samsung first phone

तस्वीर - सैमसंग फोन

दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग का आज देश-दुनिया में बड़ा नाम है। साल 1985 में कंपनी का पहला फोन सैमसंग एससी-1000 आया था, जिसका इस्तेमाल कार में किया जाता था। कंपनी के शोधकर्ताओं ने मोटोरोला की राह पर चलते हुए 2 साल इस पर शोध किया था। बाद में कंपनी का पहला हाथ में आ जाने वाला फोन सैमसंग एसएच-100 लॉन्च हुआ। यह साल 1988 से बिक्री के लिए कंपनी के 'गढ़' में उपलब्ध ह गया था। उस दौरान नोकिया के तीन फोन - मोबीरा टॉकमैन 450, टॉकमैन 900 और मोबीरा सीनेटर बाज़ार में बिक रहे थे।

ब्लैकबेरी

blackberry

ब्लैकबेरी फोन

ब्लैकबेरी का पहला फोन क्षमताओं से लैस मॉडल 5810 था, जिससे कॉल तो हो सकती थी लेकिन इयरफोन का इस्तेमाल अनिवार्य था। हालांकि, इससे पहले कंपनी बड़ी स्क्रीन वाला ब्लैकबेरी 857 आया लेकिन कॉलिंग का फीचर 5810 ही लेकर आया था।

ऐप्पल

stevejobs1तस्वीर - स्टीव जॉब्स

ऐप्पल के पहली जेनरेशन वाले आईफोन की घोषणा साल 2007 में हुई थी। क्वड-बैंड जीएसएम सेल्युलर फीचर और जीपीआरएस और ईडीजीई से लैस यह फोन कॉलिंग के साथ-साथ डेटा ट्रांसफर जैसी सुविधाएं भी लेकर आया था। यह फोन 2जी सपोर् के साथ आया था। आज आईफोन एक्स हमारे सामने है लेकिन जब भी ऐप्पल के इस फोन को आप देखेंगे तो उस पूरे दौर की यादें आपके सामने ताज़ा हो जाएंगी।

आपकी राय

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें।

 
 

ADVERTISEMENT