हाइक टोटल से लैस इंटेक्स एक्वा लॉयन्स एन1 का रिव्यू

 
हाइक टोटल से लैस इंटेक्स एक्वा लॉयन्स एन1 का रिव्यू

ख़ास बातें

  • हाइक टोटल फोन में क्या रही कमी, क्या खूबी, हमने की पड़ताल
  • बेहद कम कीमत वाले एंड्रॉयड स्मार्टफोन में है सुधार की ज़रूरत
  • किन ज़रूरतों की बात कर रहे हैं हम, जानने के लिए पढ़ें पूरा रिव्यू
बेहद कम कीमत वाले एंड्रॉयड स्मार्टफोन अगर आज बाज़ार में हैं, तो इसका श्रेय 'एंड्रॉयड गो' को जाता है। हमने एमडब्ल्यूसी 2018 में भी इन स्मार्टफोन की घोषणाएं सुनीं। इस सूची में नया नाम है इंटेक्स एक्वा लॉयन्स एन1 का। रिलायंस जियो के जियो फोन(पढ़ें रिव्यू) लॉन्च करने के बाद प्रतियोगिता तेज़ हुई है और अब बीएसएनएल से लेकर माइक्रोमैक्स भारत 1 जैसे फोन कतार में खड़े दिख रहे हैं।

हाल में हाइक ने एयरटेल के साथ साझेदारी में एक स्मार्टफोन उतारा है, जिसकी कीमत फीचर फोन जितनी है। हमने इस इंटेक्स एक्वा लॉयन्स एन1 की पड़ताल की। कम कीमत वाले इस स्मार्टफोन की एयरटेल प्लान के साथ प्रभावी कीमत 1,649 रुपये है। फोन का प्रमुख फीचर हाइक टोटल है। यह प्लैटफॉर्म यूज़र को बिना इंटरनेट के मैसेज भेजने, न्यूज़ पाने जैसी अन्य सुविधाएं मुहैया करवाता है। यह कैसे काम करता है? हमने विस्तार से पता किया।


कैसा है फोन और क्या-क्या है इसमें, जानिए...  
 

डिज़ाइन

बॉडी और बिल्ड क्वालिटी देखकर अंदाज़ा लग जाता है कि फोन कम कीमत वाला होगा। काले रंग और प्लास्टिक बॉडी वाला यह फोन आज के हिसाब से काफी छोटा है। इसका वज़न महज़ 112 ग्राम है। इसमें प्रयोग की गई प्लास्टिक की गुणवत्ता भी औसत ही है, लेकिन मैट फिनिश होने से यह 'बहुत सस्ता' भी नहीं दिखता। बैक में टेक्सचर है, जिससे फोन पकड़ना आसान हो जाता है। डिब्बे में यूज़र को मिलता है पावर एडेप्टर, डेटा केबल और एक हेडफोन भी। इस कीमत में हेडफोन देकर कंपनी ने यूज़र को खुश करने की कोशिश की है। फोन का डिज़ाइन और बेहतर किया जा सकता था, साथ ही माइक्रो यूएसबी कनेक्टर ठीक से फोन के पोर्ट में फिट नहीं आता। ऐसी कमियां दूर होनी चाहिए थीं।

फोन में 4 इंच का डिस्प्ले है, जो 480x800 पिक्सल रिजॉल्यूशन से लैस है। इससे टेक्स्ट धुंधले दिखाई देते हैं। व्यूइंग ऐंगल भी उतने बेहतर नहीं हैं। फोन को दाएँ-बाएँ घुमाने से स्क्रीन काली दिखने लगती है। डिस्प्ले और टैंपर्ड ग्लास, एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं, जिसका फर्क जगह के तौर पर साफ दिखता है। साथ ही उंगलियों के निशान भी इसके चलते आ जाते हैं। फोन के किनारे मोटे हैं, नैविगेशन बटन में बैकलिट नहीं है। फोन में नोटिफिकेशन एलईडी या एंबिएंट लाइट सेंसर नहीं है लेकिन फ्रंट कैमरा दिया गया है। वॉल्यूम और पावर बटन फोन के दायीं ओर हैं। वहीं, हैडफोन सॉकेट और माइक्रो-यूएसबी फोन के ऊपरी हिस्से में मौज़ूद हैं।

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फोन के पीछे बीच वाले हिस्से में कैमरा दिया गया है, जिसका साथ देता है एलईडी फ्लैश, जो कैमरे के ठीक नीचे है। नीचे की ओर स्पीकर के लिए जगह है। फोन के पीछे का कवर हटाया जा सकता है। साथ ही बैटरी भी निकाली जा सकती है। अंदर 2 माइक्रो सिम स्लॉट, एक माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट मौज़ूद है। 128 जीबी तक का कार्ड इसमें इस्तेमाल किया जाना संभव है। कुल मिलाकर इंटेक्स एक्वा लॉयन्स एन1 एक सादा सस्ता एंड्रॉयड फोन है।
 

इंटेक्स एक्वा लॉयन्स एन1 स्पेसिफिकेशन और फीचर

फोन के हार्डवेयर भी ठीक-ठाक हैं। इसमें क्वाड कोर मीडियाटेक एमटी6737वी प्रोसेसर दिया गया है। जुगलबंदी के लिए मौज़ूद है 1जीबी रैम। स्टोरेज 8 जीबी का है। फोन में एफएम रेडियो, जीपीएस, ब्लूटूथ और वाई-फाई भी मौज़ूद है लेकिन हैंडसेट यूएसबी-ओटीजी सपोर्ट नहीं करता। इसमें दो ही सेंसर हैं - एक्सेलेरोमीटर और प्रॉक्सिमिटी। दूसरी तरफ हैंडसेट 4जी वीओएलटीई सपोर्ट करता है। बेंचमार्क साइट पर फोन की परफॉर्मेंस खराब रही।

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अब आते हैं फोन के प्रदर्शन पर। यह हाइक टोटल पर चलता है, जो एंड्रॉयड का कस्टम वर्ज़न है। बिल्कुल इंडस ओएस जैसा। हाइक टोटल खास तौर से भारतीय बाज़ार के लिए तैयार किया गया प्लैटफॉर्म है। यह 8 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और कुछ सेवाओं को बिना इंटरनेट कनेक्शन के मुहैया करवाने में सक्षम है।

हाइक ने एंड्रॉयड नूगा के यूआई से ज्यादा 'मेलजोल' नहीं किया है, यह काफी हद तक स्टॉक एंड्रॉयड जैसा है। बायीं-होम स्क्रीन पर ऑफलाइन ऐप हैं। इनमें बस टिकट और गेम ऑफ द डे जैसे कुछ ज़रूरी ऐप भी शामिल हैं। आप ऐप को उठते हुए बबल से भी चुनकर आज़मा सकते हैं। ऑफलाइन ऐप इस्तेमाल करने के लिए आपको टोटल एकाउंट बनाकर एयरटेल सिम को वेरिफाई करवाना होगा।

जिन ऐप पर स्टार बनकर आता है, उन्हें आप ऑफलाइन इस्तेमाल कर पाएंगे। वर्तमान में क्रिकेट, रीचार्ज, हाइक वॉलेट, रेल इन्फो, न्यूज़, मैसेजिंग, ऑफलाइन यूपीआई, टोटल डेटा पैक जैसे ऐप ऑफलाइन प्रयोग के लिए उपलब्ध हैं। हमने पोस्टपेड एयरटेल सिम से ऑफलाइन ऐप को आज़माया और अनुभव बेहतर रहा। इन ऐप को यूएसएसडी कोड की तरह इस्तेमाल करना होगा। ठीक वही प्रक्रिया, जिससे हम फोन से बैलेंस चेक कर पाएंगे।

 

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इसमें मौज़ूद हाइक मैसेंजर ऐप से यूज़र हाइक पर मौज़ूद दोस्तों से चैट कर पाएंगे। यह एक आम एसएमएस ऐप की तरह भी काम करता है। मैसेज भेजने से पहले यह दूसरे यूज़र की हाइक पर मौज़ूदगी जांचता है। इसके बाद यह चैट इंटरफेस पर स्विच हो जाता है। हालांकि, हमारी पड़ताल में यह चला नहीं, हमने एक रेग्युलर एसएमएस ही भेजा। अगर आपको यह सेवा लेनी है तो गूगल मैसेंजर ऐप डाउनलोड करना होगा।

हाइक मैसेंजर ऑफलाइन भी काम करता है। इससे आप टेक्सट मैसेज और स्टीकर बिना इंटरनेट कनेक्शन के भेज सकते हैं। अगर आपको तस्वीर या कोई बड़ी फाइल भेजनी है, तो आपको डेटा पैक खरीदने होंगे। हाइक टोटल फोन के लिए डेटा पैक अलग हैं और काफी छूट वाले हैं लेकिन सिर्फ एयरटेल यूज़र के लिए ही मान्य हैं। 20 एमबी के लिए 1 रुपये का प्लान है, जो 1 दिन चलता है। वहीं 1जीबी डेटा के लिए आपको 49 रुपये खर्चने होंगे। इसकी वैधता 28 दिन के लिए है। हालांकि, ऐसा कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है कि डेटा पैक की ये कीमतें कब तक मान्य रहेंगी। हाइक मैसेंजर खोलते ही डेटा पैक खरीदने की चेतावनी दी जाती है। बाकी सभी बिना इंटरनेट कनेक्शन के ना चलने वाले ऐप मुफ्त इस्तेमाल करने पर एरर दिखाने लगते हैं।

इन पैक को खरीदने के लिए सिर्फ हाइक वॉलेट का विकल्प बचता है। आपको केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 200 रुपये तक का बोनस मिलता है। आपको आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई भी सरकार प्रमाणित परिचय-पत्र जमा करना होगा। इसके अलावा आपको मिलते हैं माय एयरटेल और विंक म्यूज़िक के प्री इंस्टाल्ड ऐप। हालांकि, ये पर्मानेंट नहीं हैं, आप इन्हें हटा भी सकते हैं। सेटिंग ऐप में कुछ बदलाव हैं, जो हम पहले मीडिया-टेक प्रोसेसर वाले बजट स्मार्टफोन में देख चुके हैं। इनमें डूरा स्पीड है, जिसकी मदद से बैकग्राउंड में ऐप चलता रहता है। साथ ही इसके सहारे एसओएस बटन को कनफिगर किया जा सकेगा।
 

कैमरा और बैटरी

आम तौर पर 1 जीबी रैम से लैस एंड्रॉयड फोन उतना बेहतर प्रदर्शन नहीं करते। एंड्रॉयड नूगा के साथ भी यही दिक्कत पेश आती है। 80 फीसदी रैम प्रयोग हो जाती है, आपके पास बचती है 174 एमबी। इसकी वज़ह से एंड्रॉयड अटकता है और ऐप भी खुलने में वक्त लेते हैं। 3डी गेम का बेहतर प्रदर्शन तो भूल ही जाएं। कुछ जगह फोन का इंटरफेस तेज़ चला लेकिन बाद में फिर वही धीमापन देखने को मिला।

खराब टच रिस्पॉन्स की वजह से उंगलियां कई बार कीबोर्ड पर लड़खड़ा जाती हैं। कीज़ का रिस्पॉन्स भी धीमा है। हालांकि, हमें फोन में 4जी वीओएलटीई सपोर्ट से दिक्कत नहीं हुई। साथ ही इयरफोन पर भी कॉल क्वॉलिटी बेहतर थी। फोन 1080 पिक्सल का वीडियो देने में सक्षम है लेकिन छोटी स्क्रीन के व्यूइंग एंगल और खराब कंट्रास्ट से काम बिगड़ जाता है। स्पीकर भी तेज़ नहीं है। अलर्ट फीचर ठीक है। हेडफोन ठीक-ठाक है, इससे बेहतर की उम्मीद करना बेईमानी होगी।

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हैंडसेट के रियर में फिक्स्ड फोकस का 2 मेगापिक्सल कैमरा है। फ्रंट कैमरा 0.3 मेगापिक्सल का है। दिन के वक्त ली गईं तस्वीरें ओवरएक्सपोज़ हो रही थीं। तस्वीर की स्पष्टता गायब है और रंग भी बेहतर नहीं हैं। कम रोशनी में तस्वीर दानेदार व अस्पष्ट रहती है। आपको इसमें आम शूटिंग मोड जैसे पैनोरमा और फेस ब्यूटिफिकेशन फीचर मिलेंगे। फोन अधिकतम 720 पिक्सल तक की वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। गुणवत्ता इतनी है कि इस्तेमाल किया जा सकता है। फ्रंट कैमरा वीजीए रिजॉल्यूशन वाला है, जिससे फोन बेहतर तस्वीरें लेने में सक्षम रहता है।

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फोन में दी गई है 1400 एमएएच की बैटरी, जो आम इस्तेमाल के साथ ही पूरे दिन चलने से चूक जाती है।11-12 घंटे के बाद आपको चार्जर की ओर दौड़ना होगा। हमने पाया कि बैटरी 15 फीसदी पर आने के बाद बहुत जल्दी गिरती है, इसलिए इसे बैटरी सेवर मोड पर रखना ज़रूरी है। चार्ज होने में फोन ने काफी वक्त लिया। 3 घंटे में महज़ 80 फीसदी ही चार्ज हो सकी। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में फोन 5 घंटे 28 मिनट चला, जो कि बेहद बुरा प्रदर्शन है।
 

फैसला

इंटेक्स एक्वा लॉयन्स एन1 इस बात का प्रमाण है कि बाज़ार में एक बेहतर कम कीमत वाले फोन की सख्त ज़रूरत है। 1 जीबी रैम के साथ एंड्रॉयड कोई कमाल नहीं दिखा सकता। इतनी कम कीमत में जियो फोन या माइक्रोमैक्स भारत जैसा एंड्रॉयड गो फोन बेहतर है। हाइक टोटल प्लैटफॉर्म दिलचस्प है, जो ऐसे यूज़र को पसंद आएगा जिन्हें डेटा पैक नहीं रखना। फोन उन लोगों के लिए है, जो 'जितना दो, उतना लो' पसंद करते हैं। हाइक के लिए यह फायदा है कि उसके वॉलेट और मैसेज प्लैटफॉर्म पर यूज़र की संख्या इस फोन के सहारे बढ़ेगी।
  • डिज़ाइन
  • डिस्प्ले
  • सॉफ्टवेयर
  • परफॉर्मेंस
  • बैटरी लाइफ
  • कैमरा
  • वैल्यू फॉर मनी
  • खूबियां
  • हल्का
  • ऑफलाइन काम करते हैं कुछ ऐप
  • कमियां
  • कमज़ोर बैटरी लाइफ
  • एंड्रॉयड अनुभव औसत
  • कमज़ोर क्वालिटी की स्क्रीन
  • कैमरा क्वालिटी औसत से कम

डिस्प्ले

4.00 इंच

प्रोसेसर

1.1 गीगाहर्ट्ज़ क्वाड-कोर

फ्रंट कैमरा

0.3-मेगापिक्सल

रिज़ॉल्यूशन

480x800 पिक्सल

रैम

1 जीबी

ओएस

एंड्रॉ़यड 7.0

स्टोरेज

8 जीबी

रियर कैमरा

2-मेगापिक्सल

बैटरी क्षमता

1400 एमएएच
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