Vikram Sarabhai की 100वीं जयंती पर बना गूगल डूडल, जानें उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

Vikram Sarabhai Google Doodle: विक्रम साराभाई की आज 100वीं जयंती के मौके पर गूगल ने डूडल तैयार किया है। जानें उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें।

Share on Facebook Tweet Share Reddit आपकी राय
Vikram Sarabhai की 100वीं जयंती पर बना गूगल डूडल, जानें उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

Vikram Sarabhai की 100वीं जयंती पर बना गूगल डूडल, जानें उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

ख़ास बातें
  • 12 अगस्त 1919 में अहमदाबाद में हुआ था विक्रम साराभाई का जन्म
  • 1947 में Vikram Sarabhai ने फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी की स्थापना की थी
  • 15 अगस्त 1969 को ISRO की स्थापना की थी
Vikram Sarabhai Google Doodle: विक्रम साराभाई की आज 100वीं जयंती के मौके पर गूगल ने डूडल तैयार किया है। आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि विक्रम साराभाई भारत के महान वैज्ञानिकों में से एक थे। विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 में अहमदाबाद में हुआ था। इस बात से शायद ही आप वाकीफ होंगे कि सन् 1947 में विक्रम साराभाई ने फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी की स्थापना की थी।

Vikram Sarabhai के पिता उद्योगपति थे और इस केंद्र के लिए उन्हें अपने पिता से मदद प्राप्त हुई थी। उस वक्त विक्रम साराभाई की उम्र केवल 28 वर्ष थी लेकिन इतनी क्रम उम्र में भी उन्होंने फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी को विश्वस्तरीय संस्थान बना दिया था। आइए विक्रम साराभाई की जिंदगी से जुड़ी और भी बातें आपको विस्तार से बताते हैं।

केवल इतना ही नहीं, विक्रम साराभाई तो अपने साथ काम करने वाले वैज्ञानिक साथियों की आगे बढ़ने में सहायता किया करते थे, इसी कारण उन्हें बेहतरीन लीडर माना जाता था। सन् 1962 में विक्रम साराभाई को शांति स्वरूप भटनागर मेडल से सम्मानित किया गया था। बता देें कि विक्रम साराभाई ने 15 अगस्त 1969 को ISRO की स्थापना की थी।

क्या आप जानते हैं कि Vikram Sarabhai को भारतीय स्पेस प्रोग्राम का जनक के रूप में भी जाना जाता था। इसके बाद सन् 1966 में विक्रम साराभाई को पद्म भूषण और सन् 1972 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद की स्थापना में भी विक्रम साराभाई ने अन्य उद्योगपतियों के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई थी।

सन् 1971 में विक्रम साराभाई की मृत्यु उसी स्थान के समीप हुई जहां भारत के पहले रॉकेट का परीक्षण किया गया था। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में वह थुंबा में रूसी रॉकेट के परीक्षण को देखने के लिए गए थे और फिर रिसॉर्ट में रात को सोते समय उनकी मृत्यु हुई थी।
आपकी राय

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ मैं भी गैजेट्स 360 के लिए ही काम करता/करती हूं, लेकिन नाम नहीं ... और भी »
पढ़ें: English বাংলা
 
 

ADVERTISEMENT

 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2019. All rights reserved.
गैजेट्स 360 स्टाफ को संदेश भेजें
* से चिह्नित फील्ड अनिवार्य हैं
नाम: *
 
ईमेल:
 
संदेश: *
 
2000 अक्षर बाकी